ज़िंदगी जब ज़िंदगी को समझे। Poem on Life
धूप-छाँव सी ज़िंदगी, जो जीवन का किस्सा बन जाए, जो जीवन का फ़लसफ़ा समझाए, वक़्त की आँधी में भी सच्ची राह दिखाए। कभी गमगीन, …
धूप-छाँव सी ज़िंदगी, जो जीवन का किस्सा बन जाए, जो जीवन का फ़लसफ़ा समझाए, वक़्त की आँधी में भी सच्ची राह दिखाए। कभी गमगीन, …
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